अक्सर आये याद , सपने बचपन के.
करते हैं संवाद , सपने बचपन के.
सूख नहीं जाएँ , सपनों के पौधे,
करते हैं फ़रियाद , सपने बचपन के.
प्यार-मोहब्बत पर,ग्रन्थ लिखे जितने,
उन सबका अनुवाद , सपने बचपन के.
जब भी पोंछोंगे , आँख कोई पुरनम;
जी भर देंगे दाद , सपने बचपन के.
क्या खोया-पाया, कितनी उम्र गई;
करते रहे फसाद, सपने बचपन के.
गर्दिश में ये ही , मरहम बन जाएँ;
मत करना बरबाद, सपने बचपन के.
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