Wednesday, 18 September 2024

किस्सा कोताह का चतुर्थ द्विवार्षिक सम्मेलन अवनिज लघुकथा सम्मान के रूप में सम्पन्न

किस्सा कोताह का चौथा द्विवार्षिक उत्सव यमुना चंबल के दोआबा बाह जिला आगरा की धरती पर 14 15 16 सितंबर 24 को देश के जाने-माने रचनाकारों के बीच संपन्न हुआ। आयोजन के सूत्रधार मनोज शुक्ल अर्णव, पवन शर्मा टाइगर, शिवराम शांति, शाहिद महक, गणेश शर्मा विद्यार्थी आदि के जीतोड़ प्रयास से इस शानदार आयोजन के लिए देश के जाने-माने साहित्यकार सुदीरवर्ती क्षेत्रों से बाह की धरती पर पधारे। इस तीन दिवसीय गरिमामय आयोजन के प्रथम दिवस सत्येंद्र कुमार रघुवंशी की अध्यक्षता एवं राजा अवस्थी के मुख्यातिथ्य में किस्सा कोताह के लघुकथा विशेषांक के विमोचन के साथ ही नौ अन्य कृतियों- गुमशुदा चाबियों की तलाश (कविता संग्रह -अरुण सातले), शब्दों से तुम तक (काव्य-संग्रह-डॉ शिव यादव) ,हिरनुआ और अन्य कहानियाॅं (बालकथा-संग्रह-शिवमंगल सिंह), करूॅं भरोसा (काव्य-संग्रह-डॉ. मधुबाला सिन्हा), चहट चंपा (कथा-संग्रह-उर्मिला आचार्य), पिकासो की उदास लड़कियाॅं (कविता-संग्रह-शैलेंद्र शरण), नियुक्ति पत्र (लघुकथा-संगह-नीलम राकेश), काश हमारे पंख होते (बाल-काव्य-माता प्रसाद शुक्ल) एवं हमरे हिया की तुहीं चंदनिया (काव्य-डॉ देवेंद्र तोमर) की कृतियों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सत्येंद्र कुमार रघुवंशी द्वारा सार्थक अध्यक्षीय वक्तव्य के साथ राजा अवस्थी के द्वारा नवगीत कविता पर विशिष्ट वक्तव्य दिया गया।                दूसरे सत्र में रात्रि 8:00 बजे सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। जिसमें हल्बी गीत एवं नृत्य भजन तथा फिल्मी गीत डॉ. सुषमा झा, अनिता राज तथा उर्मिला आचार्य ने प्रस्तुत किए।              तीन दिवसीय कार्यक्रम की श्रृंखला में दूसरे दिन 15 सितंबर को आगन्तुक साहित्यकारों ने प्रातः 9:00 बजे से बटेश्वर तथा शौरीपुर तीर्थस्थल का भ्रमण किया। दोपहर 2:00 बजे से लघुकथा-पाठ रखा गया है। जिसमें सविता पाण्डेय नई दिल्ली, माता प्रसाद शुक्ल बहादुरगढ़ (हरियाणा), रश्मि स्थापक (इंदौर), नीलम राकेश (लखनऊ), सतीश सरदाना (गुरुग्राम हरियाणा), शिव अवतार पाल (इटावा उत्तर प्रदेश), डॉ निर्मला शर्मा (दौसा राजस्थान), सुरेश बरनवाल (सिरसा हरियाणा) ने अपनी लघुकथाओं का पाठ किया। इस अवसर पर किस्सा कोताह द्वारा दिया जाने वाला डाॅ.सूबेदार सिंह 'अवनिज' लघुकथा सम्मान के लिए आयोजित प्रतियोगिता के आयोजक विजयानन्द विजय (नालंदा, बिहार) के द्वारा अवनिज सम्मान के लिए चयनित लघुकथाओं के रचनाकारों को प्रतियोगिता के निर्णायक सत्येंद्र रघुवंशी जी के साथ सम्मानित किया गया एवं एक महत्वपूर्ण वक्तव्य भी दिया गया। शाम 4:00 बजे शैलेन्द्र शरण एवं श्यामसुंदर तिवारी द्वारा किस्सा कोताह लघुकथा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। तत्पश्चाप डॉ शिशिर पाण्डेय एवं उर्मिला आचार्य ने कथापाठ किया जिसकी सत्येंद्र कुमार रघुवंशी द्वारा समीक्षा की गई।               सांस्कृतिक संध्या के क्रम में रात्रि 8:00 बजे डॉ. मधुबाला सिन्हा द्वारा भोजपुरी गायन तथा स्थानीय गायकों शिवानी एवं कमल द्वारा भदावरी गायन की प्रस्तुति की गई।              इसी श्रृंखला में 16 सितंबर 2024 को प्रातः 9:00 बजे से आगन्तुकों को चंबल सफारी का भ्रमण कराया गया जिसमें चंबल घाटी तथा अटेर दुर्ग की दुर्लभ यात्रा शामिल थी।                दोपहर 2:00 बजे कृति-सम्मान एवं कहानी-पाठ हुआ, जिसमें दीर्घ नारायण की कृति 'रामघाट में कोरोना' को किस्सा कोताह कृति सम्मान - 24 से नवाजा गया।              अपराह्न 3:00 अखिल भारतीय कवि सम्मेलन शुरू हुआ,जिसकी अध्यक्षता हरगोविंद ठाकुर ने की तथा मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवि नंदू भदोरिया रहे। इस अवसर पर लगभग 40 साहित्यकारों को किस्सा कोताह के अध्यक्ष डॉ शिव यादव, सचिव शिवमंगल सिंह एवं स्थानीय आयोजक देवनारायण शर्मा द्वारा प्रमाण-पत्र, अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में - राजा अवस्थी कटनी, प्रेम प्रकाश चौबे कुरवाई, डॉ सुषमा झा जगदलपुर, शैलेंद्र शरण खंडवा, सत्येंद्र कुमार रघुवंशी लखनऊ, श्यामसुंदर तिवारी खंडवा, बलवीर सिंह पाल इटावा, रामजनम सिंह इटावा, डॉ. मधुबाला सिन्हा मोतीहारी बिहार, गायत्री मिश्रा बाह, सविता पांडेय दिल्ली, शिवराम शांति, देवनारायण शर्मा, शाहिद महक बाह, मुकेश श्रीवास्तव कानपुर ने प्रभावशाली काव्य पाठ किया।                इस सत्र के साथ ही श्री गुरुकुल पब्लिक स्कूल बाह के सौजन्य से आयोजित यह तीन दिवसीय साहित्यिक आयोजन संपन्न हो गया, जिसमें श्रीमती ममता शर्मा, सुस्पा राजावत एवं डेविड ने पुस्तक प्रदर्शनी लगाई। इस ऐतिहासिक और विशिष्टताओं से भरे कार्यक्रम के सभी सत्रों का संचालन महत्वपूर्ण और चर्चित पत्रिका किस्सा कोताह के संपादक अशोक असफल जी ने किया। -अशोक असफल संपादक-प्रकाशक किस्सा कोताह

11 comments:

  1. शानदार आयोजन के लिये हार्दिक बधाई।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर धन्यवाद दादा

      Delete
  2. हार्दिक बधाई एवं शुभेच्छायें! साहित्य की विभिन्न विधाओं के वरिष्ठ तथा युवा रचनाकारों का समागम निश्चय सर्जनात्मकता के नए द्वार खोलता है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपको बहुत - बहुत धन्यवाद। हृदय से आभार।

      Delete
  3. वाह राजाजी .... सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं💐💐💐

    ReplyDelete
  4. ईश्वर ऐसी सफलताओं से सदा आपकी झोलियाँ भरता रहे । बधाईयाँ हार्दिक और शुभकामनाऐं ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर धन्यवाद आदरणीय। हृदय से आभार।

      Delete
  5. प्रभावशाली रिपोर्टिंग।शानदार और अविस्मरणीय आयोजन।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर धन्यवाद आदरणीय विजय जी।

      Delete
  6. भव्य एवं सफल आयोजन हेतु हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं....

    ReplyDelete